
लगभग एक साल पहले, युवा बल्लेबाज यश राठौड़ ने घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ 141 रनों की शानदार शतकीय पारी खेलकर विदर्भ को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
अब जब यश राठौड़ एक बार फिर से रणजी ट्रॉफी 2024-25 के सेमीफाइनल में मुंबई के खिलाफ मुकाबले के लिए तैयार हैं, तब वह विदर्भ के बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ बन चुके हैं। मौजूदा सीज़न में उन्होंने अब तक 728 रन बनाए हैं और यह केवल उनका दूसरा पूरा रणजी सत्र है। 24 वर्षीय इस बल्लेबाज ने इस सीज़न के दूसरे, तीसरे और चौथे राउंड में लगातार तीन शतक लगाकर अपनी जबरदस्त फॉर्म का प्रदर्शन किया।
तमिलनाडु के खिलाफ शानदार प्रदर्शन
पिछले हफ्ते, तमिलनाडु के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में उन्होंने इस सीजन का चौथा शतक लगाया। दूसरी पारी में जब विदर्भ मुश्किल स्थिति में था, तब यश ने 128 रनों की बढ़त के बावजूद संयम से बल्लेबाजी करते हुए 401 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा करने में मदद की। यह उनकी टेस्ट मैच जैसी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी का प्रमाण था।
हालांकि, पिछले सीज़न में कई बार अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद वह बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए थे, जिससे उनकी दलीप ट्रॉफी में जगह नहीं बन पाई। इस पर यश ने कहा, “पिछले साल मैंने केवल एक शतक लगाया था। मेरे नाम तीन अर्धशतक थे, लेकिन मैं उन्हें बड़ी पारियों में नहीं बदल पाया। इसलिए इस साल मैंने ठान लिया था कि अगर सेट हो गया तो उसे शतक में जरूर बदलूंगा।”
मानसिक मजबूती और कोचिंग का अहम योगदान
यश राठौड़ ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने मानसिक दृष्टिकोण को दिया। उन्होंने बताया, “तकनीकी रूप से मैंने ज्यादा कुछ नहीं बदला, बस मेरा ध्यान सिर्फ अगली गेंद पर होता है। हर गेंद के बाद मैं खुद से बात करता हूं, जिससे मेरा ध्यान पूरी तरह खेल पर रहता है।”
उन्होंने कोच उस्मान गनी और टीम के कप्तान अक्षय वाडकर को भी अपनी इस कामयाबी का श्रेय दिया। “कोच और (पूर्व भारतीय पेसर) प्रशांत वैद्य सर ने मुझे समझाया कि पिछले साल मैं ऑफ स्टंप के बाहर ढीले शॉट खेलकर आउट हो रहा था। इसलिए मैंने ऑफ-सीजन में रोज़ाना तीन से चार घंटे बल्लेबाजी की और अपने खेल को मजबूत किया।”
यश के मुताबिक, “अगर आपको ऊंचे स्तर पर खेलना है तो निरंतर अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इस साल मैं सभी मैच खेलने वाला था, और कप्तान अक्षय वाडकर ने पहले ही बता दिया था कि मेरी भूमिका क्या होगी और मुझे नंबर 5 पर बल्लेबाजी करनी है।”
सफेद गेंद क्रिकेट में भी कमाल
यश राठौड़ ने अपनी लाल गेंद की फॉर्म का फायदा सफेद गेंद क्रिकेट में भी उठाया। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में ओपनिंग करते हुए दो लिस्ट-ए शतक जड़े और विदर्भ को फाइनल तक पहुंचाने में मदद की।
इंडिया ‘A’ में जगह बनाने का लक्ष्य
इस साल के अंत में इंडिया ‘A’ टीम का इंग्लैंड दौरा प्रस्तावित है, और अगर यश सेमीफाइनल और फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें इस दौरे के लिए टीम में शामिल किया जा सकता है। इस पर उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैं सही दिशा में हूं और जल्द ही देश के लिए खेलना चाहता हूं। अब तक जो भी किया, वह इतिहास बन चुका है। अगर मैं सेमीफाइनल और फाइनल में अच्छा प्रदर्शन करता हूं, तो यह मेरे करियर को और आगे ले जाएगा और नए अवसर खोलेगा।”

क्या यश बना पाएंगे टीम इंडिया में जगह?
यश राठौड़ इस समय जबरदस्त फॉर्म में हैं और निरंतर बड़े स्कोर बनाकर खुद को साबित कर रहे हैं। अगर वह इसी तरह से अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हैं, तो निकट भविष्य में उन्हें टीम इंडिया की जर्सी में देखने का सपना साकार हो सकता है। सेमीफाइनल में मुंबई के खिलाफ और संभावित फाइनल में उनका प्रदर्शन उनके क्रिकेट करियर की दिशा तय कर सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यश राठौड़ अपने शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए विदर्भ को तीसरी बार रणजी ट्रॉफी का चैंपियन बना सकते हैं। आप इस युवा बल्लेबाज के प्रदर्शन को लेकर क्या सोचते हैं? हमें कमेंट में बताएं!

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